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Showing posts from October, 2025

लारा (एक प्रेम कहानी) भाग 4

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  Behind the Scenes Love Story ❤ (Part 4) कभी-कभी सबसे मुश्किल काम… बस एक message भेजना होता है सोमा के फोन में अब भी वही chat list थी। बस एक नाम अब वहाँ नहीं था। राम ने कुछ नहीं किया था — न block किया, न unfriend। बस सोमा ने खुद ही उस नाम को हटा दिया था। गुस्से में। उस रात। और आज वही गुस्सा पछतावा बनकर सीने में बैठा था। वो कई बार WhatsApp खोलती, ऊपर search bar तक जाती, उँगली वहीं रुक जाती। फिर बिना कुछ टाइप किए screen बंद कर देती। जैसे नाम लिखते ही सब कुछ सच हो जाएगा। रात को सोने से पहले उसकी एक पुरानी आदत थी — "Good night" लिखकर phone side में रखना। अब भी वो वही करती थी। बस message नहीं भेजती थी। typing box खुलता… दो-तीन शब्द बनते… उँगलियाँ रुक जातीं। फिर backspace। खाली। हर रात। कभी-कभी वो खुद से बचने के लिए Facebook खोल लेती। राम की नई पोस्ट ढूँढती। पढ़ती। scroll करती। लेकिन हर पोस्ट के बाद कुछ सेकंड तक screen पर ही अटकी रहती। नीली रोशनी आँखों में चुभती थी — पर वो हटाती नहीं थी नज़र। जैसे शब्द खत्म हो गए हों, पर असर अभी बाकी हो। एक दिन उसने kitchen में चाय बनाई। दो कप निक...

कदम से कदम मिला कर चलें।

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मेरा जूता है जापानी।

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यूं नजदीकियों का बढ़ना अच्छा नहीं।

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जब से त्यागा है तुमने मुझको प्रिय।

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जा जीते जी तुझको नरक मिले।

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असत्य पर सत्य तो जीत ही जाएगा

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असत्य पर सत्य तो जीत ही जाएगा मगर सत्य में असत्य को कब मिटाओगे  तन का रावण तो जल ही जाएगा मगर मन के रावण को कब तुम जलाओगे। तिनका रक्षा मां की करे कब तलक खुद को राक्षसों से कब तक बचायेंगी  या तो भेजो तुम अपने हनुमान को या बताओ धनुष धारी तुम कब आओगे   

हुस्न और इश्क़ मिटटी तले गाड़ दी हमने।

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हुस्न और इश्क़ मिटटी तले गाड़ दी हमने बिन तेरे जीने की आदत डाल ली हमने। मचलते हुऐ फूलों से, मेरा कोई वास्ता नहीं  कांटों संग जिंदगी जीने की ठान ली हमने। तुम दिन को अगर रात कहोगी रात कहेंगे हम इस पागलपन से थोड़ी सी निज़ात ली हमने। जिंदगी मिली थी मुझे खुदा के रहम ओ करम से तेरे नफ़रती अंदाज से उसे भी काट ली हमने। एक दो तीन ............. सात जनम का वादा छि:, इसी जनम में खड़ी कर ली खाट हमने। फिर लिखेंगे कभी की जिंदगी क्या होती है अभी तो कलम की स्याह ही चाट ली हमने।  

टूटना और फिर बिखर जाना।

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टूटना और फिर बिखर जाना नीयती का है सब ताना बाना एक चेहरे पे नजरों का ठहर जाना आसां नहीं दिल का बच्चा हो जाना ये कोई मदारी का खेल नहीं प्यारे मोहब्बत करना और फना हो जाना