लारा भाग 5 कुछ रिश्ते लौटते हैं… लेकिन अपनी आवाज़ बदलकर

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लारा भाग 5  Behind the Scenes Love Story — Part 5  कुछ रिश्ते लौटते हैं… लेकिन अपनी आवाज़ बदलकर "Hello" के बाद कुछ मिनट तक कोई message नहीं आया। screen जलती… बुझती रही। फिर— typing… रुका। फिर से— typing… "कैसे हैं आप?" एक line। थोड़ा gap। "क्या कर रहे हैं?" send। reply इस बार तुरंत नहीं आया। सोमा ने phone थोड़ा और पास खींच लिया— जैसे दूरी कम करने से जवाब जल्दी आ जाएगा। "तबीयत ठीक नहीं है… ऑफिस से आ गया।" कुछ सेकंड बाद— "लेट रहा हूँ। शायद बुखार है।" सोमा सीधी बैठ गई। उसने सोचा नहीं। बस टाइप किया— "दवा ली?" उधर— राम ने message पढ़ा। typing शुरू की— "मन नहीं था…" रुके। पूरा delete। फिर— "ध्यान नहीं रहा।" send। message भेजने के बाद उसने कुछ सेकंड तक screen नहीं देखी। "ले लेते आते…" सोमा ने जल्दी में टाइप किया। send के बाद उसकी उँगलियाँ एक पल को रुक गईं— जैसे कुछ वापस लेना चाहती हों। पर message वापस नहीं होता। कुछ सेकंड— दोनों तरफ़ सन्नाटा। "घर पर बात हुई?" इस बार reply और देर से आया— "न...

पहली मोहब्बत।

पहली मोहब्बत

नयनों  का  पहली  बार  मिलना
फिर     मिलकर         बिछड़ना
हथेलियों  का  बालों  में मचलना
जुल्फों   का  खुद  से  बिखरना।
                 आसान नहीं होता।

साथ  मे   धीरे  -   धीरे    चलना
फिर   चुपके    से   छुप    जाना
अचानक    से   सामने    आकर
फिर    गले   से   लिपट   जाना।
                 आसान नहीं होता।

जाते  -  जाते  बाय  कर  जाना
Byke  कैम्पस  में  भूूूल जाना
रात   भर  बाय  को  गुनगुनाना
सुबह  इंतजार  में  लग  जाना।
                आसान नहीं होता।

पंखुड़ियों को पकड़ कर हिलाना
छत की बालकनी में चढ़ जाना
नीम के नीचे बैठ कर बतियाना
फिर धीरे से तेरा आंख मार जाना
                 आसान नहीं होता।

उंगलियों को टेक्निकल बनाना
हाथों में मेहंदी लगा कर आना
उंगलियां पकड़ते ही चिल्लाना
कोने में इंतजार का दिया जलाना।
                  आसान नहीं होता।

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