लारा (एक प्रेम कहानी) भाग 4

Image
  Behind the Scenes Love Story ❤ (Part 4) कभी-कभी सबसे मुश्किल काम… बस एक message भेजना होता है सोमा के फोन में अब भी वही chat list थी। बस एक नाम अब वहाँ नहीं था। राम ने कुछ नहीं किया था — न block किया, न unfriend। बस सोमा ने खुद ही उस नाम को हटा दिया था। गुस्से में। उस रात। और आज वही गुस्सा पछतावा बनकर सीने में बैठा था। वो कई बार WhatsApp खोलती, ऊपर search bar तक जाती, उँगली वहीं रुक जाती। फिर बिना कुछ टाइप किए screen बंद कर देती। जैसे नाम लिखते ही सब कुछ सच हो जाएगा। रात को सोने से पहले उसकी एक पुरानी आदत थी — "Good night" लिखकर phone side में रखना। अब भी वो वही करती थी। बस message नहीं भेजती थी। typing box खुलता… दो-तीन शब्द बनते… उँगलियाँ रुक जातीं। फिर backspace। खाली। हर रात। कभी-कभी वो खुद से बचने के लिए Facebook खोल लेती। राम की नई पोस्ट ढूँढती। पढ़ती। scroll करती। लेकिन हर पोस्ट के बाद कुछ सेकंड तक screen पर ही अटकी रहती। नीली रोशनी आँखों में चुभती थी — पर वो हटाती नहीं थी नज़र। जैसे शब्द खत्म हो गए हों, पर असर अभी बाकी हो। एक दिन उसने kitchen में चाय बनाई। दो कप निक...

Happy Teacher's Day.

महकती धरती जिसके दम पर
और जगमाता आसमान है
चुनी  यह  राह  है  जिसने
उनको सौ-सौ बार प्रणाम है

मौजूद   हजार   राहें   हैं
यूं तो जीवन निर्वाह खातिर
फिर भी  उठा लिया वीड़ा
समाज के उत्थान खातिर।

दम घुटता है जब संस्कारों का
बनकर  प्रचार  आता  है  गुरु
बेशक   कभी   लौ  नहीं बनता
मगर तेल का क़िरदार निभाता है गुरु।

पेंड़  बनकर  खड़ा  नहीं  होता
मगर बीज का पोषण करता है गुरु
जाता  नहीं  चल  कर   कहीं
मगर हर राह दिखा देता है गुरु।

बुझते दीपक में तेल बनकर
डूबते जीवन में मेल बनकर
भटके  राही  के  जीवन  मे
चलती ट्रेन बनकर आते हैं गुरु

सभ्यता को संभाल कर रखना
संस्कारों  को  जीवित  रखना
मचलते  फूल  से  बच्चों  को
बनाकर   इन्शान   रखना
                आसान नहीं होता।





Comments

Popular posts from this blog

किसी का टाइम पास मत बना देना।

तेरे बिन जिंदगी बसर कैसे हो।

उनका भी इक ख्वाब हैं।